सोचना थोड़ा मुश्किल है
मगर अगर आप ध्यान से देखें तो
आस पास कई बातें ऐसी हैं
जो आपके सीखने लायक है रोज़ ही।
ऐसी बातें का कुछ खास मतलब नहीं होता
मेरा मतलब ये सभी बातें
इस बात पर तय होती हैं कि
आज आपका मानसिक मिज़ाज कैसा है
कहीं आप अंदर से बहुत खुश या दुखी तो नहीं
कहीं आपको किसी वस्तु विशेष की तीव्र सी इच्छा तो नहीं महसूस हो रही
कहीं आप संवेदनशील तो महसूस नहीं कर रहे
इसे समझने की ज़रूरत है
क्योंकि हर एक मसले और वाख्ये घटने
या ना घटने के पीछे कई पहलु, कई फलसफे, कई मुद्दे, अनेकों कारण हो सकते हैं
वास्तविक तौर पर हर किसी को ध्यान में रखना तो करीब
ना मुमकिन ही मालूम पड़ता है और शायद ये करने की ज़रूरत भी नहीं है।
यहीं पर भाग्य का शब्द जन्म लेता है।
यही वह परिस्थिति है जहां आप उतना ही कर पाते हैं जो आपके हाथ में है और बाकी सारा का सारा वो करते हैं जिन्हें आप जानते भी नहीं या जान भी नहीं सकते। कितना अनिश्चित है यह सब।
तो ऐसी परिस्थिति में भी सभी के साथ होने वाली घटनाओं का फल एक स्वरूप एक समान नहीं होता। ऐसा क्यों, इसके भी कई कारण हो सकते हैं।
मगर जो एक कारक इन सभी परिदृश्यों में भी एक बराबर नजर आता है, वही भाग्य है।
सुनने मे थोड़ा सा अजीब सा ज़रूर लगेगा मगर यह सभी के साथ है और कभी आपके साथ कुछ अच्छा तो कुछ बुरा लेकर आ सकता है।
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